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जोधपुर नगर निगम का अवैध निर्माण पर सख्त एक्शन: उमेद भंडारी और अजय जैन को नोटिस जारी

जोधपुर नगर निगम (दक्षिण) ने शहर में अवैध निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई की शुरुआत की है। राजीव गांधी कॉलोनी (जिसे सरदार पटेल कॉलोनी के नाम से भी जाना जाता है) में प्रेक्षा हॉस्पिटल के सामने स्थित संपत्ति पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य को रोकने के लिए नोटिस जारी किया गया है। यह संपत्ति उमेद भंडारी और अजय जैन के नाम पर दर्ज है। निगम की इस कार्रवाई से शहर में अवैध निर्माणों पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।घटना का विवरणनगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस संपत्ति पर निर्माण कार्य बिना किसी वैध अनुमति के शुरू किया गया था। जांच में पता चला कि इससे पहले भू-माफिया रमेश पुत्र दानमल जैन (निवासी: ए-34, शास्त्री नगर) ने इस जमीन पर अवैध कब्जा किया था। रमेश जैन ने इस संपत्ति को उमेद भंडारी, अजय जैन और राजेंद्र जैन को बेच दिया और उसके बाद निर्माण कार्य शुरू करवा दिया। यह पूरा मामला राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धाराओं 194, 245 और 236 का उल्लंघन करता है।निगम ने संपत्ति मालिकों को 7 दिनों के अंदर आवश्यक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है। यदि दस्तावेज नहीं जमा किए गए, तो अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी और अवैध निर्माण को हटाने का पूरा खर्च मालिकों से वसूला जाएगा। साथ ही, वार्ड 20 में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को तुरंत बंद करने के आदेश दिए गए हैं। यदि कार्य जारी रहा, तो पूरी जिम्मेदारी मालिकों की होगी।पहले भी जारी था नोटिस, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई सूत्रों के अनुसार इससे पहले भी इस अवैध अतिक्रमण पर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अवैध निर्माण अभी भी नहीं हटाया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में नाराजगी है। आम जनता का कहना है कि राजस्थान में नगर निगम विभाग में सबसे अधिक भ्रष्टाचार है। अधिकारी किसी की नहीं सुनते और भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत से ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। “यहां भू-माफिया खुलेआम जमीनें कब्जा करते हैं और अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण करवा लेते हैं। आम आदमी की शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।”शहर में अवैध निर्माणों की समस्या जोधपुर शहर में अवैध निर्माण एक बड़ी समस्या बन चुकी है। तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण भू-माफिया सक्रिय हो गए हैं। नगर निगम की सतर्कता टीम ने हाल के महीनों में कई ऐसे मामलों पर कार्रवाई की है, लेकिन अभी भी बहुत से क्षेत्रों में अवैध कब्जे और निर्माण जारी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त कानूनी कार्रवाई और पारदर्शी प्रक्रिया से ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। इस मामले में भी हम दस्तावेजों की जांच करेंगे और यदि कोई अनियमितता पाई गई, तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। संपत्ति मालिकों को अब 7 दिनों का समय दिया गया है। यदि वे दस्तावेज जमा नहीं करते, तो निगम की टीम अवैध निर्माण को ध्वस्त कर सकती है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि भू-माफिया रमेश जैन के खिलाफ भी अलग से जांच की जाए, ताकि ऐसे मामलों की जड़ पर प्रहार किया जा सके।यह कार्रवाई जोधपुर नगर निगम की अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है, जो शहर को व्यवस्थित और कानून सम्मत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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